तेनाली रमन हिंदी कहानिया | Tenali Raman story hindi | tenali raman hindi stories | तेनाली रमन और दो चोर | अतुलनीय चतुराई


Tenali Raman story hindi or tenaliraman hindi stories - तेनाली रमन हिंदी कहानिया हम सब बचपन से सुनते आ रहे है। Tenali raman story - तेनाली रमन को तेनाली रामा के नाम से भी जाना जाता है। तेनाली रमन अपने चतुर बुद्धि के कारन प्रसित्द्ध थे।Tenali raman - तेनाली रमन हर काम को बड़ी चतुराई के साथ पूरा करते थे।  दोस्तों हिंदी Story Line आपके लिए लेकर आये है ऐसे ही मजेदार हिंदी कहानिया। यह कहानी को भी पढ़े  रामलिंगम से तेनाली रमन तक का सफर 

१ .तेनाली रमन और दो चोर

Tenali Raman story hindi
Tenali Raman story hindi

राज्यसभा का विदूषक तेनाली रमन अब राजा को प्रसन्न करना चाहता था। वह सुबह घर से जल्दी निकल जाता था और रात को देर से लौटता था। एक बार चांदनी रात में जब तेनाली रमन घरोट रहा था वह सोचने लगा कि मुझे अपने खेतों और पौधों को पानी देने का बिल्कुल भी समय नहीं मिलता कल यह काम मैं सबसे पहले करूंगा ।

Tenali Raman story hindi
Tenali Raman story hindi 

 वह सोचता ही था की अकस्मात तेनाली रमन का ध्यान पेड़ों के पीछे चला गया वह दो काली छाया छुपी थी । और वह समझ गया कि यह तो चोर है । और तेनाली रमन ने कुछ युक्ति सोच ली । 

वह अपने घर की ओर चल पड़ा जैसे ही वह अंदर पहुंचा तो तेनाली रमन के बीवी ने कहा स्वामी आइए आपका भोजन तैयार है पांव धोकर बैठ जाइए । लेकिन रमन ने ऊंचे स्वर में चिल्लाकर पत्नी से कहा बाद में पहले हमें एक आवश्यक कार्य करना है ।

Tenali Raman story hindi
Tenali Raman story hindi 


 रमन की पत्नी बोली वह कह स्वामी? तब रमन जोर-जोर से लाकर बोला नगर में कई चोर है हमें अपना धन ताले में रखना चाहिए । और वह बोला सारा धन तथा सारे आभूषण एक संदूक में रखो और उसे बड़ा सा ताला लगाओ । उसे हम कुएं में फेंक देंगे किसी को इसका आभास भी नहीं होगा । 

पेड़ के पीछे छुपे दोनों चोरों को तेनाली रमन का स्वर बिल्कुल साफ सुनाई दे रहा था । एक दूसरे को देखकर हंसे ।

 रमन ने पत्नी के पास जाकर धीमे स्वर में कहा बाहर दो चोर छुपे हुए हैं उन्हें हमें मूर्ख बनाना है संदूक में कुछ बाहरी वस्तुओं रख दो । और रमन जोर जोर से चिल्लाने लगा संदूक भरने में कितना वक्त लगा रही हो थोड़ा जल्दी करो । रमन की पत्नी समझ गई कि कि उसका पति क्यों चिल्ला रहा है । और रमन की पत्नी ने भी संधू भरने का काम जल्दी से निपटा लिया ।

Tenali Raman story hindi
Tenali Raman story hindi 

 रमन वह संदूक लेकर घसीटते हुए उसे अपनी कुएं में फेंक दिया एक बड़ी सी छपाक आवाज के साथ वह संदूक नीचे चला गया । 

पेड़ के पीछे छुपे चोर वह सारी घटना देख रहे थे । उनमें से एक चोर बोला कि हमें सब लोग सो जाने तक इंतजार करना चाहिए । जैसे ही तेनाली रमन के घर का दिया बुझ गया वह चोर पेड़ के पीछे से निकल गए पूरा जोर कुए पर पहुंचे तथा झांकने लगे और एक दूसरे से बोले कि कुएं में तो अधिक पानी नहीं है हमारा काम आसान हो गया कुंवा जल्दी से जल्दी खाली करें और अपना धन निकाल ले । 

दोनों चोरों ने पूर्ण रात्रि काम किया और कुएं में से पानी निकालने लगे परंतु वह सारा काम व्यर्थ रहा है कुवे से पानी खींचता था और दूसरा बाहर फेकता था । सारा पानी पौधों की ओर बह जाता था । एक एक बाल्टी बाहर निक वह चोर थक गए । 

उन्होंने सारी रात को में से पानी निकालने में गुजार दी फिर भी उनको संदूक नहीं मिला । तेनाली रमन ने कुछ देर बाद खेत की ओर देखा तो वह बहुत पानी हो गया था । वह कुए के पास चला गया और चोरों से बोला आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आपने बहुत अच्छा काम किया है वह दोनों चोर तेनाली रमन को देखकर अचंभित रह गए । और वह दोनों चोरों वहां से दुम दबाकर भाग गए ।
दूसरे दिन तेनाली रमन ने राज्यसभा में रात का सारा वृत्तांत कृष्णदेव राय राजा को सुनाया राजा जोर जोर से हंसने लगा और बोला ना केवल तुमने उन को मूर्ख बनाया लेकिन उनसे अपना सारा काम भी करवा लिया तुम कितने चतुर हो । अपनी रसपूर्ण कथा उसे मनोरंजन करने के लिए राजा ने रमन को सोने के सिक्कों की थैली भेंट कर दी ।

२.  अतुलनीय चतुराई


Tenali Raman story hindi
Tenali Raman story hindi 


 यह घटना बताती है कि तेनाली रमन कितना चतुर था एक दिन वाराणसी का एक प्रसिद्ध विद्वान राजा कृष्णदेव राय की सभा में गया राजा कृष्णदेव राय ने उस विद्वान का बड़े आदर पूर्वक स्वागत किया वह विद्वान बोला आपकी राज्यसभा में जो भी विद्वान है उनको सभी को मैं किसी भी शास्त्र में चुनौती देता हूं कि वह मुझसे मुकाबला करें राज राजा कृष्णदेव राय बोले इससे हमारा सम्मान बढ़ेगा 

Tenali Raman story hindi
Tenali Raman story hindi

 संध्या के समय राजा कृष्णदेव राय अकेले थे और कुछ सोच रहे थे तभी वहां राजपुरोहित गए और वह राजा से बोलने लगे पंडित अपने विद्या में बहुत निपुण है हमारे राज्य में ऐसा कोई भी नहीं जो उसे चुनौती दे सके और उस पंडित का कोई भी सामना नहीं कर सकता क्योंकि मैंने बहुत विद्वानों को इस पंडित के सामने हारते हुए देखा है

Tenali Raman story hindi
Tenali Raman story hindi 

राजा कृष्णदेव राय जी का संवाद राजपुर से चल ही रहा था तभी वहा तेनाली रमन गया तेनाली रमन बोला उस पंडित से मैं शास्त्रार्थ करूंगा राजा बोले विद्वता एवं चतुराई दोनों बहुत भिन्न बातें लेकिन राजपुरोहित इसके सख्त खिलाफ थे आखिर राजा कृष्णदेव राय के कहने पर राजपुरोहित मान गए और कल के शास्त्रार्थ के सामने की तैयारी करने लगे
अगली संध्या को तेनाली रमन बहुत सारे पुस्तकों के साथ भरे दरबार में गया और विद्वान से बोला है विद्वान महाशय क्या हम शास्त्रार्थ आरंभ करें? विद्वान केहा बोलते ही तेनाली रमन  बोला किसी आसान विशेष शुरुआत करते हैं  
"तिलक हस्त भविष्यऐसा सुनते ही विद्वान को कुछ समझ में नहीं गया उसने कहा ऐसा तो मैंने पहली बार  सुना है परंतु  ऐसे ग्रंथ के बारे में मैंने आज तक नहीं सुना इस पर तेनाली रमन बोला हमारे हमारे नगर के चरवाहे इसके बारे में जानते हैं और यह सुनते ही विद्वान को लगा कि तेनाली रमन बहुत बड़ा विद्वान है और उसने अपनी हार स्वीकार कर ली  और वह राजा कृष्णदेव राय से आज्ञा लेकर राजदरबार से चला गया 
 राजा कृष्णदेव राय बहुत खुश हो गए और उन्होंने तेनालीराम से कहा मैं तुम्हारा आभारी हूं क्योंकि तुमने हमारी नाक रख ली   तभी राजपुरोहित बोले मुझे भी इस ग्रंथ के बारे में जानना है मैंने भी पहले कभी इस ग्रंथ के विषय में नहीं सुना रमन ने गठरी खोली और दिखाया यह तिलक हस्त  मनीष बंधन और उस गठरी में थी तिल के पौधों की डांडिया थी

Tenali Raman story hindi
Tenali Raman story hindi 

जिसका अर्थ होता है भैंसों को बांधने वाली रस्सी सरल है  ऐसा सुनते ही राजा कृष्णदेव राय जोर से हंसने लगे और उन्होंने कहा कि तुमने हमारा मान रख लिया राजा कृष्णदेव राय जी बोले राजपुरोहित जी जैसे मैं आपकी विद्वता का सम्मान करता हूं वैसे ही मैं तेनाली रमन की चतुराई का भी सम्मान करता हूं। लेकिन राजपुरोहित को तेनाली रमन से बदला लेना था राजा ने तेनाली रमन को फिर से  सोने से सिक्के से भरी  थैली  भेंट की 


No comments:

Powered by Blogger.