तेनाली रमन हिंदी कहानिया | Tenali Raman story hindi | tenali raman hindi stories | तेनाली रमन की कला बुद्धि | दूध से डरने वाली बिल्ली | अनमोल अंगूठी


Tenali Raman story hindi or tenaliraman hindi stories - तेनाली रमन हिंदी कहानिया हम सब बचपन से सुनते आ रहे है। Tenali raman story - तेनाली रमन को तेनाली रामा के नाम से भी जाना जाता है। तेनाली रमन अपने चतुर बुद्धि के कारन प्रसित्द्ध थे।Tenali raman - तेनाली रमन हर काम को बड़ी चतुराई के साथ पूरा करते थे।  दोस्तों हिंदी Story Line आपके लिए लेकर आये है ऐसे ही मजेदार हिंदी कहानिया। यह कहानी को भी पढ़े  रामलिंगम से तेनाली रमन तक का सफर 



१. तेनाली रमन की कला बुद्धि

Tenali Raman story hindi
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एक दिन राजनगर का एक चित्रकार अपनी कला दिखाने विजय नगर आया दरबारियों को वह अपने चित्र दिखा रहा था। राजा कृष्णदेव राय को वह चित्र बहुत पसंद गए उन्होंने बहुत तारीफ की तेनाली रमन बोले इस चित्र में जो  हिरण है  उसे तो एक ही  कान है

Tenali Raman story hindi
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राजा ना तो उस पर कुछ नहीं कहा लेकिन वह चित्रकार अपनी गलती मानने के लिए तैयार नहीं था उसने कहा वह हिरण  बाई और देख रहा है इस वजह से उसका दाहिनी ओर का कान आपको नहीं दिखेगा तभी तेनाली रमन बोला कि कान का कुछ हिस्सा तो दिखना चाहिए ना इसमें तो कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा अब उस चित्रकार को गुस्सा आया और वह बोला तुम्हारे जैसे सामान्य आदमी मेरी कला को क्या  समझ पाएगा  कोई सच्चा कला प्रेमी ही मेरी कला को समझ सकता है  और उनकी कदर कर सकता है   तेनाली रमन को यह सिद्ध करना था कि उस चित्रकार ने गलती की है।

तेनाली रमन ने राजा कृष्णदेव राय जिसे कहा मैंने भी कुछ तस्वीरें बनाई है मैं उन तस्वीरों को आप को दिखाना चाहता हूं राजा समझ गया कि इसमें तेनाली रमन की कोई योजना है वह देखना चाहता था कि तेनाली रमन क्या करना चाहता है राजा ने दूसरे दिन तेनाली रमन की कला देखने का वादा किया और उसे कहा मैं अपने मेहमानों के साथ तुम्हारी कला देखने जरूर आऊंगा
अगले ही दिन राजा उस चित्रकार के साथ तेनाली रमन के घर उसके चित्र देखने गया परंतु वह तो सिर्फ दो ही कागज थे जिसमें एक पर लिखा था घोड़ा और दूसरे पर लिखा था घास। वह देखते ही तेनाली रमन का चित्र कैसे लगे महाराज? वह चित्रकार अचंभित होकर बोल पड़ा कहां है चित्र यहां पर सिर्फ घोड़ा और घास लिखा है पर घोड़ा घास कहीं नजर नहीं रहे  
 उस पर तेनाली रमन बोल पड़ा घोड़ा तो घास खाने गया है इसलिए आप उसे नहीं देख सकते तब चित्रकार बोला लेकिन घास कहा हैउस पर भी तेनालीरमन बोल पड़ा घास तो घोड़ा खा गया अब वह कैसे दिखेगी?  

Tenali Raman story hindi
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इस प्रकार तेनाली रमन ने अपनी चतुराई का प्रमाण देख कर राजा और चित्रकार के मन में अपनी जगह बना ली और फिर चित्रकार को अपनी गलती का एहसास हो गया




२. दूध से डरने वाली बिल्ली 



Tenali Raman story hindi
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1 दिन राजा कृष्णदेव राय ने कुछ बिल्लियां खरीद ली    रानी को वह बहुत पसंद गई उसने सारे मंत्रियों को एक एक बिल्ली और एक एक गाय पालने को दे दी. 
 उन्होंने तेनाली रमन को भी एक बिल्ली और एक गाय  देकर कहा रमन  यह लो तुम्हारी बिल्ली और एक गाय और इसका ठीक से ध्यान रखना तेनाली रमन ने कहा कि मैं  इसकी अपने बच्चे की तरह ख्याल रखूंगा  

Tenali Raman story hindi
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तिन माह बाद रानी ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने बिल्ली लेकर आने को कहा रानी उसकी देखभाल की जांच करना चाहती थी तेनाली रमन भी अपनी बिल्ली लेकर आया था। तेनाली रमन की बिल्ली बहुत ही अच्छी थी रानी बोली वह तेनाली रमन तुमने तो अपनी बिल्ली की बहुत अच्छी तरह से देखभाल की है तेनाली रमन को रानी ने इनाम दे दिया
तेनाली रमन वही नाम लेकर घर गया उस पर तेनाली रमन की पत्नी बोली मैंने तो उस बिल्ली को कभी दूध पीते हुए नहीं देखा था फिर वह इतनी गोल मटोल कैसे हो गईतेनाली रमन बोला मैंने पहले ही दिन और बिल्ली को गर्म उबलता हुआ दूध दे दिया उससे उसका मुंह जल गया और फिर वह दूध की ओर देखने से भी डरने लगी और उसने तुझे खाना शुरु कर दिया  
और इसी वजह से सारे चूहे भी खत्म हो गए और गाय के सारा दूध हमने अपने बच्चों को दे दिया इसलिए वह भी तंदुरुस्त हो गए। तेनाली रमन की पत्नी बोली अब आया समझ में बिल्ली भी गोल मटोल और बच्चे भी तंदुरुस्त और चूहों का नामोनिशान भी नहीं मान गए आप की चतुराई पर


३. अनमोल अंगूठी


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 राजा कृष्णदेव राय एक अनमोल और अनोखी अंगूठी पहनते थे। उन्हें पता चला कि वह कहीं खो गई है उनको पहरेदार ऊपर संदेह हुआ और सारे पहरेदार में से किसने चोरी की है इसका निर्णय  वह नहीं कर पा रहे थे फिर उन्होंने तेनाली रमन को बुला लिया  
उन्होंने सारी घटना तेनाली रमन को बता दी। उन्होंने कहा तेनाली रमन मेरी अनमोल अंगूठी खो गई है मुझे अपने 12  पहरेदार पर शक है क्या तुम चोर को  पकड़ सकते होतेनाली रमन ने सोचा और फिर बोला चोर को पकड़ने के लिए मेरे पास एक युक्ति है और  चोर   को  पकड़ने के बदले में उन्होंने कुछ भेंट की मांग की  
चोर को पकड़ने के बदले में राजा ने तेनालीराम उनको सोने के 100 सिक्के देने का वादा किया तेनाली रमन नहीं अगले ही दिन  महल के एक  अंधेरे कमरे में सारे पहरेदार को बुला लिया और कहा   सिपाहियों  अंदर काली केक मूर्ति   है अंदर जाकर तुम्हें मूर्ति के दाएं पैर को छूना है तेनाली रमन बोले राजा कृष्णदेव राय की अंगूठी खो गई है और चोर को पकड़ना है तुम लोग काली के पूछोगे तू खाली मेरे सपनों में आकर चोर के बारे में बताएगी 

तेनाली रमन एक के बाद एक सारे  पहरेदार  को अंदर  भेजा   पहरेदार ने अपने हाथ काली के चरणों पर रखें जब बहार  गए तब तेनाली रमन ने सारे पहरेदार को अपना अपना हाथ दिखाने के लिए  कहा तेनाली रमन हर एक पहरेदार के हाथ की गंध ले रहा था   
तेनाली रमन ने पहले 6 परिवारों को जाने के लिए कहा और सातवें पहरेदार  के  और  इशारा करके कहा कि महाराज यही चोर है राजा  ने  उस पहरेदार को कारागृह में भेजने का आदेश दे दिया कृष्णदेव राय बहुत खुश हुए उन्होंने तेनाली रमन से  पूछा तुमने कहा था कि मां काली तुम्हारी सपने में आएगी लेकिन तुमने तो तुरंत ही उसको पहचान लिया  

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तेनाली रमन बोला यह बहुत आसान था  महाराज मैंने मां काली के दाहिने पैर पर सुगंधित द्रोण लगाया था जो भी गाली के सिर पर हाथ रखता उसके हाथ पर वह  द्रव लग जाती थी। जिस पर धरने अंगूठी चुराई थी वह घबरा गया और उसने  काली के पैर नहीं   रखें और इसलिए मैंने जान लिया किसी चोर है  
 कृष्णदेव राय राजा ने रमन की प्रशंसा की और उन्हें एक थैली सोने के सिक्के  भेट दे दिए


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तेनाली रमन की चतुराई 



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