Bill Gates Biography Hindi - बिल गेट्स जीवनी, शिक्षा, घर, हिस्ट्री, कमाई, अनमोल वचन



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Bill Gates Biography Hindi - बिल गेट्स जीवनी धरती पर मौजूद सबसे अमीर इंसान तो बिल गेट्स के पास लगभग 90 बिलियन यूएस डॉलर यानी करीब पांच लाख 80 हजार करोड़ इंडियन रुपये है।  
Bill Gates बिल गेट्स हर 1 मिनट में लगभग 1500000 रुपए कमा लेते हैं।  और सिर्फ यही नहीं जब तक जिंदा रहेंगे यूं ही 1500000 रुपए या उससे भी अधिक 1 मिनट में कमाते रहेंगे और कहा ज्यादा है कि अगर बिल गेट्स का अपना खुद का एक देश होता तो पूरी दुनिया का सबसे अमीर देश होता।  
 दोस्तों सफलता के इस मुकाम को हासिल करने के लिए बिल गेट्स ने अपने जीवन में जो कुछ भी किया है वह सब आज मैं आपको विस्तार से बताऊंगा। 

Bill Gates Biography Hindi -  बिल गेट्स जीवनी

पूरा नाम
विलियम हेनरी गेट्स III
जन्म
28 अक्टूबर, 1955
जन्मस्थान
सीऐटल, वॉशिंगटन राज्य, संयुक्त राज्य अमेरिका
आवास
संयुक्त राज्य अमेरिका
शिक्षा प्राप्त की
हार्वर्ड विश्वविद्यालय (स्नातक नहीं हुए)
काम काज
माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह अध्यक्ष
बिल गेट्स की कमाई
US$99.5 billion (April 2020)
माता
मैरी मैक्सवेल गेट्स
पिता
बिल गेट्स सीनियर (Bill Gates Sr.)
पत्नी
मेलिंडा गेट्स (1994)
बच्चे
तीन
बच्चों के नाम
जेनिफर कैथरीन गेट्स, फोवे अडले गेट्स, रोरी जॉन गेट्स
वेबसाइट
gatesnotes.com

बिल गेट्स का जन्म कब हुआ था?

Biography of Bill Gates in Hindi

बिल गेट्स कौन है?

 सन 1955 -  दोस्तों सन 1955 में 28 अक्टूबर वॉशिंगटन यूनाइटेड स्टेट अमेरिका में बिल गेट्स का जन्म हुआ उनका पूरा नाम है विलियम हेनरी गेट्स उनके पिता का नाम बिल गेट्स सीनियर और उनकी मां का नाम मैरी मैक्सवेल गेट्स था।  
बिल गेट्स की जीवनी और बिल गेट्स की सफलता की कहानी जो हमें काफी प्रेरित करती है। बिल गेट्स के बारे में कुछ जानकारी जानना बहुत जरुरी हैं। बिल गेट्स बचपन से ही सॉफ्टवेर के क्षेत्र में थे।

तो दोस्तों तैयार हो जाइये, हम आज आपके लिए बिल गेट्स बायोग्राफी लेकर हैं।
Bill Gates Microsoft Company के संस्थापक है, बिल गेट्स बचपन से ही बहुत मेहनती इंसान रहे है।

बिल गेट्स का बचपन और बिल गेट्स का इतिहास

 जब वह बड़े हुए तो उनके माता-पिता ने उनका दाखिला सीऐटल, वॉशिंगटन के स्कूल में करवाया सीऐटल में मौजूद उस समय का सबसे अच्छा स्कूल था।  
बिल गेट्स पढ़ाई लिखाई में बहुत इंटेलिजेंट स्टूडेंट साबित हुए थे।  बिल गेट्स को बचपन से ही पढ़ने की एक अलग ही भूख थी वह घंटों तक अपने स्कूल की पुस्तकों के साथ-साथ इनसाइक्लोपीडिया भी पढ़ा करते थे। 
   दोस्तों 1969 में शुरू किया था जब इंसान पहली बार चांद पर गया था और यह मिशन कंप्यूटर की वजह से ही सफल हुआ था। 
और उसी दौरान सिएटल नाम की एक कंपनी में स्कूल को अपने कंप्यूटर विद्यार्थियों को सिखाने और उसे जानने के लिए दिए।  और बिल गेट्स तो पहले से ही किसी भी चीज के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने के लिए उत्सुक रहते थे और इसीलिए उन्होंने अपना दाखिला कंप्यूटर क्लास में करवा लिया।  
 जल्द ही बिल गेट्स की कंप्यूटर में रूचि बढ़ने लगी उनको हमेशा यह जानने की इच्छा रहती कि आखिर यह कंप्यूटर काम कैसे करता है?  
 इसीलिए ज्यादा से ज्यादा समय कंप्यूटर क्लास में ही बिताते थे।   और फिर एक कंप्यूटर क्लास में बिल की मुलाकात पॉल एलन से हुई जो कि उनसे 2 साल बड़े थे।   वैसे तो उन दोनों के ख्याल और विचार एक दूसरे से मेल नहीं खाते थे क्योंकि जहां एलेन बहुत शर्मीले स्वभाव के थे वहीं बिल का स्वभाव से बिल्कुल विपरीत था।  लेकिन अपने कंप्यूटर को लेकर मिलती-जुलती धारणाओं और विचारों की वजह से वह दोनों अच्छे दोस्त बन गए।  और उस समय यह कोई सोच भी नहीं सकता था एक दिन यह दोनों मिलकर इस दुनिया को बदल कर रख देंगे।  

बिल गेट्स की पहली कमाई

सन 1970-- दोस्तों सन 1970 में जब  बिल गेट्स सिर्फ़ 15 साल के थे तो उन्होंने  अपने दोस्त के साथ साथ मिलकर टाटा नाम का एक ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम बनाया तो शहर में होने वाले यातायात प्रवाह को  मापता था और इसके लिए उन्हें पूरे $20000 मिले जो कि इनकी पहली कमाई थी।  . 
जी हाँ बिल गेट्स की पहली कमाई $20,000 थी।




बिल गेट्स की कहानी: Bill Gates Success Story in Hindi

और इसी के साथ बिल गेट्स ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी प्रवेश कर लिया था सन 1972  बिल गेट्स 17 साल के थे तो उन्होंने ऐलान के साथ मिलकर अपनी खुद की कंपनी खोलने के बारे में विचार करना शुरू कर दिया।  

 बिल गेट्स  के माता-पिता ने पहले हाई स्कूल खत्म करके कॉलेज में जाने के लिए जोर दिया क्योंकि उनके पिता एक प्रख्यात वकील थे और इसीलिए वह चाहते थे कि बिल कानून की शिक्षा ले।  

 1973 - दोस्तों सन 1973 में बिल गेट्स ने अपना हाईस्कूल खत्म किया और एग्जाम में अच्छे अंक प्राप्त करके अपनी बुद्धिमता का परिचय दिया।   जिस पर उनके माता-पिता बहुत खुश हुए और उन्होंने उनका एडमिशन हावर्ड यूनिवर्सिटी में करवा दिया।   और  वह चाहते थे कि बिल गेट्स  कानून की शिक्षा  पूरी कर ले लेकिन बिल गेट्स तो कुछ और ही  चाहते थे।  

 बिल कानून की शिक्षा ले लेकिन बिल गेट्स का सपना तो कुछ और ही था फिर भी उन्होंने बहुत ध्यान पूर्वक लॉ (law) में अपना करियर बनाने पर विचार किया लेकिन उसमें उन्हें कोई भी ऐसा विषय नहीं मिला जिसमें उन्हें कंप्यूटर जितनी रूचि हो और इसीलिए वह अपना ज्यादा से ज्यादा समय कंप्यूटर सेंटर में ही बिताते थे।  
सन 1974 - दोस्तों दिसंबर सन 1974 में इलेक्ट्रॉनिक्स की एक मैगजीन के कवर पेज पर दुनिया के सबसे पहले मिनी कंप्यूटर की घोषणा की गई थी यह खबर मिलते ही बिल गेट्स और उनके दोस्त खुश हो गए क्योंकि वह जानते थे कि अगर यह कंप्यूटर बन गया तो दुनिया में हर एक इंसान इस्तेमाल करके अपना काम आसान कर सकेगा।  
 ALTAIR 8800 COMPUTER न्यू मैक्सिको में एक कंपनी द्वारा बनाया गया था। जो इस कंपनी को चला रहे थे  वह ऐसे इंसान की तलाश कर रहे थे, जो ऐसा सॉफ्टवेयर बना पाए जो उनके इस कंप्यूटर को चला सके और अब बिल गेट्स के पास अपनी किस्मत को चमकाने का एक बड़ा मौका था।  
और इसीलिए उन्होंने इस कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट  किया और घोषणा की कि वह एक बेसिक्स पर काम कर रहे हैं।  
 उसके बाद बिल गेट्स और उनके दोस्त ने दोनों ने कंप्यूटर सेंटर में पूरे 2 महीने तक दिन-रात काम किया और एक सॉफ्टवेयर बनाया। उनका सॉफ्टवेयर  कामयाब रहा।  

   सन 1975 2 फरवरी 1975  सॉफ्टवेयर को को टेस्ट करवाने के लिए इंस्टॉल किया गया वह सही से काम करने लगा।  बिल गेट्स के जिंदगी का सबसे बेहतरीन पल था जिसका कंप्यूटर उद्योग पर एक ऐतिहासिक प्रभाव पड़ा क्योंकि इसके बाद उन्होंने कभी ना रुकने का फैसला कर लिया।  





बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की शुरवात की - Bill gates started Microsoft 

 सिर्फ 19 साल की उम्र में बिल गेट्स ने पोलैंड के साथ मिलकर सन 1975 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की स्थापना की।  और बर्ड्स कंपनी के साथ मिलकर काम करने लगे।  
देखते ही देखते कंप्यूटर की खपत इतनी बढ़ गई कि बिल गेट्स ने अपनी पढ़ाई को फाइनल ईयर से पहले ही छोड़ दिया।  लेकिन शुरुआती दौर में और एलेन को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा क्योंकि लोगों में कंप्यूटर को लेकर ऐसा कल्चर फेमस होने लग गया जिसमें लोग पर्सनल कंप्यूटर तो खरीद रहे थे लेकिन इंफॉर्मेशन और सॉफ्टवेयर  को एक दूसरे के साथ शेयर कर रहे थे।  

और इसीलिए किसी को भी सॉफ्टवेयर के लिए पैसे खर्च करने में कोई रुचि नहीं थी लेकिन बिल गेट्स और एलेन ने इस सॉफ्टवेयर को बनाने में काफी मेहनत की थी।  इसलिए उनको इस बात का बहुत बुरा लगता था।  

सन 1976 दोस्तों फरवरी सन 1976 में बिल गेट्स ने कंप्यूटर में रुचि रखने वालों के लिए यह कहते हुए एक पत्र लिखा कि बिना किसी सोफ्टवेयर को खरीदे उसका इस्तेमाल करना मतलब किसी नए सॉफ्टवेयर को बनने से पहले ही रोक देना होगा। लेकिन लोगों पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। 

 इस पर बिल गेट्स बहुत निराश हुए लेकिन उनकी कुशाग्रता ना केवल सॉफ्टवेयर बनाने में थी बल्कि उसके साथ साथ बिजनेस को आगे बढ़ाने और कंपनी को ले जाने में थी।  

जरूरत पड़ने पर वह कंपनी में एंप्लॉई द्वारा बनाए गए प्रोग्रामिंग कोड (Programming code) को खुद चेक करते और उसमे से निकालते थे।  बिल की मेहनत और लगन की वजह से कंपनी की बहोत तेजी से बढ़ने लगी।  


Microsoft Expansion


 फिर माइक्रोसॉफ्ट में नए सॉफ्टवेयर का अलग-अलग भाषाओं में विस्तार किया और अन्य कंपनियों को अपने उत्पादों को बेचना शुरू कर दिया।   

1978 दोस्तों 1978 के अंत तक आते-आते इन सॉफ्टवेयर की बिक्री १ बिलियन यानी 1000000 से भी ज्यादा हो गई।  


 1978 से लेकर 1981 के बीच माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में आश्चर्यजनक विकास देखने को मिला और बहुत ही कम समय में माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारियों की संख्या 13 कर्मचारियों से बढ़कर 128 हो गई। 

 1980 दोस्तों नवंबर 1980 में माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) कंपनी ने बिल गेट्स  किस्मत को बदल कर रख दिया क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी आईबीएम ने माइक्रोसॉफ्ट को अपने नए पर्सनल कंप्यूटर के लिए सॉफ्टवेयर बनाने की पेशकश की।   और अब बिल गेट्स के लिए बहुत अच्छा मौका था।  

इसीलिए उन्होंने  आईबीएम के लिए एक नया सॉफ्टवेयर  एमएस डॉस MS-Dos  माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने  बनाया था।   लेकिन आईबीएम कंपनी उस सॉफ्टवेयर को $50000 में  खरीदने का प्रस्ताव रखा।  

 लेकिन दोस्तों  बिल गेट्स बहुत इंटेलिजेंट  थे उन्होंने इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया  क्योंकि बिल गेट्स  चाहते थे  आईबीएम कंप्यूटर के हर बिक्री पर उनको लाइसेंस फीस अदा करें।  
आईबीएम जितने भी कंप्यूटर में उनका सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करके बेचेंगे उस हर एक कंप्यूटर पर माइक्रोसॉफ्ट भी पैसा कमाएं। और इसीलिए आईबीएम कंपनी को उनके बेचे गए हर एक पीसी पर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को लाइसेंस फीस चुकानी पड़ती थी।  


 ऐसे ही मार्केट में कुछ और कंपनियां भी आए जिन्होंने आईबीएम से भी सस्ते कंप्यूटर मार्केट में उतारे और माइक्रोसॉफ्ट ने उनको भी अपने सॉफ्टवेयर बेचे। 


सन 1981 के मध्य में बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के प्रेसीडेंट और  एलन एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट  बन गए। 
 सन 1983 दोस्तों सन 1983 तक आते-आते माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का टर्नओवर 4 मिलियन डॉलर से बढ़कर 16 मिलियन डॉलर हो गया और पूरी दुनिया में जितने भी पर्सनल कंप्यूटर्स थे।  उसमें से 30% कंप्यूटर में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का सॉफ्टवेयर चलाया जा रहा था।  


 1983 तक जहां एक तरफ बिल गेट्स सिर्फ 28 साल की उम्र में कामयाबी के शिखर को छू रहे थे।  और पूरी दुनिया में बिल और एलेन के बनाए गए सॉफ्टवेयर  की डिमांड बढ़ती जा रही थी वहीं दूसरी ओर पॉल एलन को एक गंभीर बीमारी हो गई थी।  जो कि कैंसर की श्रेणी में आती थी। 

हालांकि लगभग 1 साल बाद धीरे-धीरे ठीक होने लगे थे।  लेकिन अब  माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के दिन प्रतिदिन के कारोबार में ज्यादा हिस्सा नहीं ले सकते थे।  

और इसीलिए उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट को छोड़ दिया। और इसी के साथ बिल और एलेन की पार्टनरशिप का अंत हो गया। 


 सन 1984 दोस्तों सन 1984 में केवल बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट का इकलौता चेहरा रह गए।   और उनके लगातार प्रयास और लगन से सन 1985 में उनकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने 140 मिलियन डॉलर से भी अधिक की सेल की। 

सन 1986 दोस्तों सन 1986 में किसने पहली बार माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का एक नया प्रोडक्ट माइक्रोसॉफ्ट विंडो मार्केट में उतारा।  जिसमे कोई भी कंप्यूटर को बड़ी आसानी से माउस के जरिए इस्तेमाल कर सकता था।  और फिर 1986 में ही बिल गेट्स ने अपनी कंपनी को सार्वजनिक कर लिया जिसने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को एक नया वित्तीय और रचनात्मक आधार दिया। और उन्होंने कुल स्टोर का 45% हिस्सा अपने पास रखा जिसने उन्हें 31 साल की उम्र में अरबपति बना दिया था। 
 सन 1987 दोस्तों सन 1987 तक बिल गेट्स इस दुनिया के सबसे कम उम्र के अरबपतियों में से एक थे।  लेकिन इस साल माइक्रोसॉफ्ट को एक बहुत बड़े क्राइसिस का सामना करना पड़ा।  क्योंकि  आईबीएम  ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के सॉफ्टवेयर MS-DOS को अपने खुद के बनाए सॉफ्टवेयर  से बदल दिया। 


 माइक्रोसॉफ्ट को सॉफ्टवेयर करार से बाहर कर दिया।  लेकिन बिल गेट्स ने अपनी कंपनी के सबसे बड़े कस्टमर को खो देने के बाद भी हार नहीं मानी।  और माइक्रोसॉफ्ट विंडो को अपग्रेड करना शुरू कर दिया।

  
1990 दोस्तों 22 मई सन 1990 में माइक्रोसॉफ्ट ने एक नई विंडो 3.0 को लांच किया।  और साथ ही साथ बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट प्रोडक्ट की कीमतें भी घटा दी।  इसके पीछे उनका मकसद था कि और कोई भी सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी उनके सामने टिकना सके। 
 और इसी वजह से आईबीएम का सॉफ्टवेयर मार्केट में फेल हो गया।  और माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 3.0 बहुत जल्दी सबसे ज्यादा बिकने वाली विंडो बन गई। 

सन 1993 दोस्तों बुरा समय अभी भी माइक्रोसॉफ्ट से खत्म नहीं हुआ था।  क्योंकि सन 1993 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की न्याय विभाग द्वारा कुछ कानूनी जांच की गई जिसमें पाया गया कि माइक्रोसॉफ्ट कंपनी कंप्यूटर निर्माताओं द्वारा बेचे गए कंप्यूटर की कुल संख्या के आधार पर लाइसेंस फ्रीचार्ज कर रही थी। 

उनमें माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया ही ना गया। 




Bill Gates Wife - बिल गेट्स की पत्नी 


 सन 1993 दोस्तों जुलाई सन 1993 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को न्याय विभाग की बात से सहमत होकर 14 जगाना बंद करना पड़ा और फिर न्याय विभाग द्वारा यह केस भी बंद कर दिया गया।  

और इसी साल 1 जनवरी सन 1994 में 34 साल की उम्र में बिल गेट्स ने उन्हीं के कंपनी में काफी साल से काम कर रही 28 वर्षीय मलिंडा फ्रेंड से शादी कर ली थी। 

 लेकिन उनकी शादी के बस कुछ ही महीने बाद 10 जून सन 1994 को ब्रेस्ट कैंसर के कारण बिल गेट्स की मां की मृत्यु हो गई। इस घटना से बहुत दुखी हुए।  


 सन 1995 दोस्तों सन 1995 माइक्रोसॉफ्ट के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा रहा क्योंकि इस साल बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट विंडो को लांच किया था।   दोस्तों बिल के अपनी 42 साल की उम्र तक अमेरिका में रहने वाले दुनिया के सबसे ज्यादा अमीर इंसान थे।   जिनके पास $50 बिलियन  की संपत्ति थी जो बढ़ते बढ़ते आजसबसे ज्यादा हो गयी थी।  


 दोस्तों अब बिल गेट्स के पास दो बेटियां और एक बेटा है।  लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतना अपार धन होने के बावजूद भी बिल गेट्स ने अपने बच्चों को अपनी वसीयत में से सिर्फ 10 मिलियन डॉलर देकर जाने का फैसला किया है। 

 जो कि इनकी दौलत का एक बहुत ही छोटा सा हिस्सा है।  और इसके बारे में पूछे जाने पर बिल सिर्फ इतना ही कहते हैं कि मैं अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दूंगा लेकिन इतनी अधिक दुर्लभ धनराशि  छोड़ कर जाना मेरे बच्चों के लिए उचित नहीं है। 


 मैंने कुछ साल पहले ऐसा महसूस किया कि मेरी दौलत समाज से आई है उस समाज में ही वापस जानी चाहिए। इतनी दौलत का अनुमान लगाना भी मुश्किल है वह किसी के बच्चों को नहीं जानी चाहिए यह उनके लिए सही नहीं होगा।  

 दोस्तों कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाला विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम दुनिया के 80% से भी ज्यादा यूज होने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है।   जिससे माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने बनाया है। 

आज दुनिया के सबसे कामयाब अमीर बिजनेसमैन होने के साथ ही उन्हें उनके प्रभाव के कारण और अनगिनत धन संपत्ति दान करने के लिए कई पुरस्कारों से नवाजा गया है। 


 2014 में चेयरमैन के पद से हटकर सत्या नडेला को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का सीईओ बनाया जो कि एक भारतीय है।   और अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक एनजीओ  बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन चलाते हैं दुनिया में बहुत ही भलाई का काम करते हैं।  और दोस्तों यह बिल गेट्स के द्वारा कही गई कुछ रोचक और महत्वपूर्ण बातें।  



10 Facts About Bill Gates in Hindi

बिल गेट्स की महत्वपूर्ण बातें | बिल गेट्स के बारे में अनजानी बातें

1. मात्र 13 वर्ष कि उम्र में ही अपना पहला कंप्यूटर प्रोग्राम टिक-टैक-टो बनाया।
2. बिल गेटस बचपन में ही अपने मित्रों आदि से कहा करते थे की वो अपनी 30 की उम्र तक मिलेनियर हो जायेंगे और जो की सच हुई वे 31 साल की उम्र में मिलेनियर बन चुके थे।
3. फेसबुक के को-फाउन्डर मार्क से मिलने के बाद, पहली बार बिल गेट्स ने फेसबुक पर अपना अकाउंट बनाया था इससे पहले वे सोशल मिडिया पर नहीं थे।
4.सन् 1977 में न्यू मैक्सिको में लाइसेंस के बिना ही गाड़ी चलाने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
5.सन् 1994 में लियोनाद्रो द विंसी द्वारा लिखित पेजों का कलेक्शन “कोडेक्स लेस्टर” को बिल गेट्स ने 30.8 मिलियन डॉलर में, एक नीलामी में खरीदा था।
6.बिल गेट्स को इस बात का दुःख था की उन्हें किसी अन्य देश की भाषा नहीं आती।
7. यदि माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी असफल होती तो बिल गेट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक खोजकर्ता होते।
8. बिल गेट्स ने अपने बच्चो को केवल 10 मिलियन डॉलर ही दिए हैं बस उसके बाद बची हुई संपत्ति नहीं दी जाएगी।
9. बिल गेट्स की पसंदीदा किताब “बिजनेस एडवेंचर” है
10.   बिल गेट्स का बचपन का प्यारा नाम “ट्रे” था।




Bill Gates Motivational Quotes Hindi

1. अपने आप की तुलना किसी से मत करो यदि आप ऐसा कर रहे हैं तो आप स्वयं अपनी बेज्जती कर  रहे हो
2. जब आपके हाथ में पैसा होता है तो केवल आप बोलते हैं कि आप कौन हैं लेकिन जब आपके हाथ खाली होते हैं तो संपूर्ण संसार भूल जाता है कि आप कौन हैं
3. यदि आप गरीब जन्मे है तो इसमें आपकी गलती नहीं है लेकिन यदि लेकिन यदि आप गरीब मरते हैं तो यह आपकी गलती है। 
4. मैं एक कठिन काम को करने के लिए एक आलसी इंसान को चुन लूंगा क्योंकि आलसी इंसान उस काम को करने का एक आसान तरीका खोज लेगा।  

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